भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है। अब शिक्षा सिर्फ किताबी ज्ञान और डिग्री तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि असली हुनर और व्यावहारिक कौशल पर जोर दिया जाएगा। आइए जानते हैं इन मुख्य बदलावों को सरल भाषा में।

NCERT को मिला ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ का दर्जा
अब तक NCERT सिर्फ स्कूल की किताबें छापता और सिलेबस बनाता था। लेकिन अब इसे ‘डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी’ का दर्जा मिल गया है। यह सिर्फ नाम का बदलाव नहीं है, बल्कि पूरी व्यवस्था में गहरा बदलाव लाएगा। अब NCERT खुद टीचर ट्रेनिंग करेगा, रिसर्च करेगा और शिक्षा को नई दिशा देगा।
डिग्री नहीं, हुनर मायने रखेगा
भारत में बेरोजगारी की असली समस्या ‘अनइंप्लॉयेबल ग्रेजुएट्स’ हैं – यानी ऐसे युवा जिनके पास डिग्री तो है, लेकिन नौकरी करने लायक स्किल्स नहीं। अब शिक्षा ‘डिग्री केंद्रित’ से ‘स्किल केंद्रित’ हो रही है। डिग्री सिर्फ नौकरी का दरवाजा खोलेगी, लेकिन अंदर जाने के लिए आपकी परफॉर्मेंस और समस्या सुलझाने की क्षमता देखी जाएगी।
यह भारत की शिक्षा के इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव है। अब शिक्षा को सालों या घंटों से नहीं, बल्कि ‘क्रेडिट्स’ से मापा जाएगा। उदाहरण के लिए:
- अगर कोई बढ़ई सालों से बेहतरीन काम कर रहा है, तो उसके अनुभव को क्रेडिट्स मिलेंगे।
- कोई व्यक्ति बिना कॉलेज गए कोडिंग सीख लेता है, तो उसकी स्किल को भी एकेडमिक क्रेडिट के बराबर मान्यता मिलेगी।
इससे डिग्री की पुरानी बादशाहत खत्म हो जाएगी और हर तरह के हुनर को सम्मान मिलेगा।

नया शिक्षा मॉडल: AI के युग के लिए तैयार
पहले स्कूल एक फैक्ट्री जैसे थे – बच्चे रट्टा मारते और अंत में डिग्री ले लेते। अब सरकार स्कूली शिक्षा को मजबूत बना रही है ताकि बच्चे भविष्य के लिए तैयार हों। कोडिंग, कम्युनिकेशन स्किल्स और क्रिटिकल थिंकिंग अब जरूरी ‘सर्वाइवल टूल्स’ बन गए हैं।

आउटकम आधारित शिक्षा: क्या कर सकते हो, वही मायने रखता है
अब सवाल यह नहीं कि ‘तुमने क्या पढ़ा’, बल्कि ‘तुम क्या कर सकते हो’ और ‘तुम कैसे सोचते हो’। व्यावसायिक शिक्षा (वोकेशनल कोर्स) को मुख्य स्ट्रीम में शामिल किया जा रहा है।
सरल उदाहरण: जैसे कंप्यूटर का सोर्स कोड अपडेट करने से पूरा सिस्टम बदल जाता है, वैसे ही NCERT में यह बदलाव पूरी शिक्षा व्यवस्था को नया बना देगा। अब डिग्री जीवन का ‘फुल स्टॉप’ नहीं, सिर्फ एक ‘कॉमा’ होगी। असली पहचान आपके हुनर से बनेगी!
यह बदलाव युवाओं को मजबूत बनाएगा और भारत को स्किल्स की सुपरपावर बनने में मदद करेगा।