ब्रिटेन को ‘नरक’ बता अरबपति बेच रहा 2,800 करोड़ का लंदन हवेली, यूएई में करेगा पलायन
नॉर्वेजियन मूल के अरबपति जॉन फ्रेडरिकसन, जो ब्रिटेन के नौवें सबसे अमीर व्यक्ति हैं, ने लंदन में अपनी 300 साल पुरानी जॉर्जियन हवेली को बेचने का फैसला किया है। इस हवेली की कीमत लगभग 250 मिलियन पाउंड (लगभग 2,800 करोड़ रुपये) है। फ्रेडरिकसन ने ब्रिटेन की आर्थिक स्थिति की आलोचना करते हुए कहा है कि “ब्रिटेन नरक बन गया है” और वे अब संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में अपने कारोबार और निवास को स्थानांतरित कर रहे हैं। यह कदम ब्रिटेन द्वारा गैर-निवासी (नॉन-डॉम) कर स्थिति को खत्म करने और अन्य कर सुधारों के बाद उठाया गया है।
प्रमुख विवरण:
- हवेली का विवरण:यह हवेली, जिसे ‘द ओल्ड रेक्टोरी’ के नाम से जाना जाता है, लंदन के चेल्सी इलाके में स्थित है। यह 30,000 वर्ग फुट में फैली है और इसमें 10 बेडरूम, एक बॉलरूम, दो एकड़ का निजी बगीचा, और एक ब्लैक मार्बल इनडोर स्विमिंग पूल शामिल है। यह ब्रिटेन की सबसे महंगी निजी संपत्तियों में से एक है, जो बकिंघम पैलेस और विटनहर्स्ट के बाद तीसरे स्थान पर है। फ्रेडरिकसन ने इसे 2001 में लगभग 37 मिलियन पाउंड (लगभग 431 करोड़ रुपये) में खरीदा था। 1995 में इसे ग्रीक शिपिंग मैग्नेट थिओडोर एंजेलोपोलोस ने 22 मिलियन पाउंड में खरीदा था। 2004 में, रूसी अरबपति रोमन अब्रामोविच ने इस संपत्ति के लिए 100 मिलियन पाउंड की पेशकश की थी, जिसे फ्रेडरिकसन ने ठुकरा दिया था।
- ब्रिटेन छोड़ने का कारण:फ्रेडरिकसन ने ब्रिटेन की लेबर सरकार द्वारा अप्रैल 2025 में नॉन-डॉम टैक्स स्टेटस को खत्म करने की आलोचना की है। यह नीति विदेशी अमीर लोगों को यूके में केवल अपनी ब्रिटिश आय पर कर देने की अनुमति देती थी, जिससे उनकी विदेशी आय कर-मुक्त रहती थी। इसके अलावा, चांसलर राचेल रीव्स द्वारा लागू किए गए अन्य कर सुधार, जैसे निजी स्कूलों पर 15% वैट और विरासत कर नियमों में कड़ाई, ने भी धनी लोगों के लिए ब्रिटेन को कम आकर्षक बना दिया है। फ्रेडरिकसन ने नॉर्वे के समाचार आउटलेट E24 से कहा, “ब्रिटेन अब नॉर्वे जैसा हो गया है। पूरा पश्चिमी विश्व नीचे जा रहा है। लोगों को और मेहनत करनी चाहिए और घर से काम करने के बजाय ऑफिस जाना चाहिए।”
- यूएई की ओर पलायन:फ्रेडरिकसन अब अपने तेल और शिपिंग कारोबार को यूएई से संचालित कर रहे हैं। उन्होंने अपनी कंपनी सीटैंकर्स मैनेजमेंट का लंदन कार्यालय बंद कर दिया है। यूएई धनी लोगों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन गया है, क्योंकि वहां कोई व्यक्तिगत आयकर, पूंजीगत लाभ कर, या विरासत कर नहीं है। हेनली एंड पार्टनर्स के अनुसार, 2025 में 9,800 मिलियनेयर यूएई में स्थानांतरित होंगे, जो 63 बिलियन डॉलर (लगभग 5.26 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति लाएंगे। फ्रेडरिकसन की तरह, अन्य अरबपति जैसे क्रिश्चियन एंगरमेयर, नस्सेफ साविरिस (एस्टन विला के मालिक), और लक्ष्मी मित्तल भी ब्रिटेन छोड़ चुके हैं या छोड़ने की योजना बना रहे हैं।
- संपत्ति की बिक्री और कर्मचारियों की छंटनी:फ्रेडरिकसन ने अपनी हवेली की बिक्री के लिए गुप्त रूप से विशेष खरीदारों के बीच निजी दौरे शुरू कर दिए हैं। इस तरह की उच्च-मूल्य वाली संपत्तियों की बिक्री आमतौर पर “ऑफ-मार्केट” सौदों के माध्यम से होती है और इन्हें सार्वजनिक रियल एस्टेट वेबसाइटों पर सूचीबद्ध नहीं किया जाता। उन्होंने अपनी हवेली के रखरखाव के लिए काम करने वाले एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों को भी निकाल दिया है।
- फ्रेडरिकसन की संपत्ति और कारोबार:फोर्ब्स के अनुसार, फ्रेडरिकसन की कुल संपत्ति 17.3 बिलियन डॉलर (लगभग 1.44 लाख करोड़ रुपये) है। वे तेल टैंकरों, अपतटीय ड्रिलिंग, मछली पालन, और गैस उद्योग में अपने विशाल कारोबार के लिए जाने जाते हैं। उनकी जुड़वां बेटियां, सेसिली और कैथरीन फ्रेडरिकसन, अब परिवार के कारोबार को संभालने की तैयारी कर रही हैं।
- ब्रिटेन में अरबपतियों का पलायन:हेनली एंड पार्टनर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में ब्रिटेन से 10,800 मिलियनेयर देश छोड़ चुके हैं, और 2025 में 16,500 और मिलियनेयर जाने की उम्मीद है, जो विश्व में सबसे अधिक है। इससे 66 बिलियन पाउंड की संपत्ति ब्रिटेन से बाहर जाएगी। ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को यह पलायन नुकसान पहुंचा सकता है, क्योंकि लंदन स्टॉक एक्सचेंज की घटती प्रमुखता और 2008 की मंदी से धीमी रिकवरी ने भी धनी लोगों को पेरिस, दुबई, और एम्स्टर्डम जैसे अन्य वित्तीय केंद्रों की ओर आकर्षित किया है।