दुनिया भर में रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) पर खर्च तेजी से बढ़ रहा है। विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) की नई रिपोर्ट ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2025 के मुताबिक, साल 2024 में पूरी दुनिया ने R&D पर कुल 2.87 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 2.9 लाख करोड़ डॉलर) खर्च किए। यह पिछले साल से 3% ज्यादा है और साल 2000 के मुकाबले तीन गुना बढ़ोतरी!

चीन ने अमेरिका को पछाड़ा – एक ऐतिहासिक पलटवार!
सबसे बड़ी खबर यह है कि चीन ने अमेरिका को R&D खर्च में पहली बार पीछे छोड़ दिया। चीन ने 2024 में 785.9 बिलियन डॉलर खर्च किए, जबकि अमेरिका ने 781.8 बिलियन डॉलर। चीन का खर्च साल 2000 से 20 गुना बढ़ गया है!
यह बदलाव दिखाता है कि चीन अब इनोवेशन के क्षेत्र में दुनिया का लीडर बन चुका है।

टॉप 7 देश R&D खर्च में (2024)
यहां देखिए दुनिया के सबसे बड़े R&D निवेशक:
- चीन – 785.9 बिलियन डॉलर
- अमेरिका – 781.8 बिलियन डॉलर
- जापान – 186 बिलियन डॉलर
- जर्मनी – 132.2 बिलियन डॉलर (यूरोप का नंबर 1)
- दक्षिण कोरिया – 126.4 बिलियन डॉलर
- यूनाइटेड किंगडम
- भारत – 75.7 बिलियन डॉलर
भारत सातवें स्थान पर है – यह हमारे लिए गर्व की बात है!
एशिया का राज – 45% हिस्सा अकेले एशिया का!
अब दुनिया के कुल R&D खर्च का 45% हिस्सा सिर्फ एशिया से आ रहा है। चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और भारत जैसे देश इसकी वजह हैं। एशिया अब इनोवेशन का नया पावरहाउस बन चुका है।
भारत की शानदार प्रगति – सही रास्ते पर!
भारत ने साल 2000 से R&D खर्च तीन गुना बढ़ा दिया है। हालांकि चीन के मुकाबले अभी 10% ही है, लेकिन हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
कुछ उदाहरण:
- मंगलयान और चंद्रयान जैसे कम खर्च वाले अंतरिक्ष मिशन ने दुनिया को चौंका दिया।
- कोवैक्सिन जैसी स्वदेशी वैक्सीन ने कोविड के समय भारत को ग्लोबल लीडर बनाया।
- स्पेस स्टार्टअप्स में 2021 में 196% का जबरदस्त निवेश बढ़ा।
WIPO रिपोर्ट कहती है कि R&D पर 1% ज्यादा खर्च करने से प्रति व्यक्ति GDP में 0.13% की बढ़ोतरी हो सकती है। यानी इनोवेशन से न सिर्फ नई टेक्नोलॉजी, बल्कि नौकरियां और अमीरी भी बढ़ती है।
WIPO की रिपोर्ट साफ कहती है – भारत सही दिशा में जा रहा है, लेकिन चीन जैसे पड़ोसियों से आगे निकलने के लिए और मेहनत करनी होगी।
सरकार, स्टार्टअप्स और युवा वैज्ञानिक मिलकर अगर R&D पर ज्यादा फोकस करें, तो भारत जल्द ही टॉप 5 में आ सकता है।
2025 की यह रिपोर्ट हमें याद दिलाती है – इनोवेशन ही भविष्य है