जर्मनी का म्यूनिख शहर अब ड्रोन तकनीक का बड़ा केंद्र बन गया है। यहां की यूनिवर्सिटी और नई कंपनियां ऐसे नए आविष्कार कर रही हैं जो जर्मनी की सेना को मजबूत बना सकते हैं। ये ड्रोन युद्ध के मैदान में बड़े बदलाव ला सकते हैं। आइए जानते हैं क्या-क्या नया हो रहा है।

म्यूनिख: ड्रोन तकनीक का नया हब
जर्मनी में म्यूनिख ड्रोन तकनीक का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। यहां की जर्मन फेडरल आर्म्ड फोर्सेस यूनिवर्सिटी और कई छोटी कंपनियां मिलकर ऐसे नए ड्रोन बना रही हैं जो जर्मनी को दुनिया में आगे ले जा सकते हैं। ये कंपनियां हाई-टेक चीजों पर काम कर रही हैं ताकि सेना को फायदा हो।
जमीन में छिपी बारूदी सुरंगों का पता लगाने वाले ड्रोन
म्यूनिख में ऐसे ड्रोन बनाए जा रहे हैं जो जमीन के अंदर दबी बारूदी सुरंगों को ढूंढ सकते हैं। ये ड्रोन खास सेंसर और स्मार्ट प्रोग्राम का इस्तेमाल करते हैं। ये देखते हैं कि सुरंग दबने से घास या पौधों पर क्या असर पड़ा है। इसे ‘एनोमली डिटेक्शन’ कहते हैं, यानी गड़बड़ी का पता लगाना। इससे सैनिकों की जान बच सकती है।

कई ड्रोनों का झुंड और एआई की मदद
जर्मन सेना चाहती है कि एक साथ कई ड्रोनों को उड़ाया जाए, जैसे झुंड की तरह। ये ड्रोन अलग-अलग काम कर सकें। म्यूनिख की कंपनियां इसके लिए एआई और स्पोर्ट सिस्टम बना रही हैं। ये सिस्टम बहुत सारा डेटा खुद ही हैंडल कर लेते हैं, क्योंकि एक आदमी अकेला इतना नहीं संभाल सकता। इससे युद्ध में तेजी आएगी।
दुश्मन ड्रोनों से बचाव के नए तरीके
अब रक्षा में दुश्मन के ड्रोनों से लड़ना जरूरी हो गया है। इसके लिए ‘येगर इंटरसेप्टर ड्रोन’ बनाया गया है। ये रॉकेट की मदद से दुश्मन ड्रोन को आसमान से गिरा सकता है। इसके अलावा, ‘स्काई प्रोटेक्टर’ नाम का एक फिक्स्ड सिस्टम भी है जो रडार और शॉटगन से ड्रोनों को मार गिराता है। ये तकनीकें सेना को सुरक्षित रखेंगी।

चुनौतियां: रफ्तार और खरीद प्रक्रिया
ड्रोन तकनीक में जर्मनी अभी चीन और अमेरिका से पीछे है। सेना के लिए सबसे बड़ी समस्या लंबी खरीद प्रक्रिया है। यूक्रेन युद्ध से पता चला कि तकनीक में स्पीड बहुत मायने रखती है। इसलिए छोटी कंपनियों को तेजी से काम करने का मौका मिलना चाहिए।
भविष्य: जर्मनी को आगे ले जाने वाली तकनीक
म्यूनिख की कंपनियां नए जनरेशन के ड्रोनों के लिए तैयार हैं। उनके पास अच्छी तकनीक और जानकारी है, जो जर्मनी को दुनिया के टॉप देशों में शामिल कर सकती है। आने वाले समय में ये नवाचार बड़े बदलाव लाएंगे।
