कोलकाता-आधारित एफएमसीजी कंपनी गणेश कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने अपनी प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के माध्यम से बाजार में प्रवेश किया है। यह आईपीओ 22 सितंबर 2025 को खुला और 24 सितंबर 2025 को बंद हो रहा है। कंपनी का फोकस पूर्वी भारत में पैकेज्ड फूड सेक्टर पर है, जहां यह गेहूं आधारित उत्पादों जैसे आटा, मैदा, सूजी और दलिए में अग्रणी ब्रांड है। वित्तीय वर्ष 2025 में कंपनी का राजस्व 12% बढ़कर 850.5 करोड़ रुपये हो गया, जबकि लाभ 31.3% की वृद्धि के साथ 35.4 करोड़ रुपये रहा।
आईपीओ की मुख्य जानकारी:
- कुल आकार: लगभग 409 करोड़ रुपये (फ्रेश इश्यू 130 करोड़ रुपये + ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) 278.8 करोड़ रुपये)।
- कीमत बैंड: प्रति शेयर 306 से 322 रुपये।
- लॉट साइज: न्यूनतम 46 शेयर (रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश लगभग 14,812 रुपये)।
- एंकर निवेश: कंपनी ने एंकर राउंड में 122 करोड़ रुपये जुटाए, जिसमें अशिष कछोलिया-समर्थित बंगाल फाइनेंस भी शामिल है।
- सदस्यता स्थिति (24 सितंबर 2025 तक अपडेट के अनुसार): दिन 1 पर 12% बुकिंग, दिन 2 पर 18% (रिटेल भाग 31% बुक)। ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) 10 रुपये (लगभग 3% ऊपर)।
- अलॉटमेंट और लिस्टिंग: अलॉटमेंट 25 सितंबर 2025 को अंतिम रूप दिया जाएगा, जबकि शेयर बीएसई और एनएसई पर 29 सितंबर 2025 को लिस्ट होंगे।
फंड उपयोग का उद्देश्य:
फ्रेश इश्यू से प्राप्त धनराशि का उपयोग निम्नलिखित के लिए किया जाएगा:
- 60 करोड़ रुपये: कंपनी के कुछ मौजूदा उधारों का पूर्व भुगतान या पुनर्भुगतान।
- 45 करोड़ रुपये: पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में भुना चना आटा और चना आटा विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए पूंजीगत व्यय। यह विस्तार कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और पूर्वी भारत में बाजार हिस्सेदारी मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
- शेष राशि: सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए।
ओएफएस भाग प्रमोटरों और निवेशकों द्वारा अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए है, जिसके बाद प्रमोटर होल्डिंग 75.3% से घटकर 64.1% हो जाएगी। कंपनी की स्थापना 1936 में हुई थी और यह “गणेश” ब्रांड के तहत रोजमर्रा के खाद्य उत्पाद जैसे आटा, मसाले, रेडी-टू-कुक मिक्स और पारंपरिक स्नैक्स बेचती है। पूर्वी भारत में इसके विस्तृत वितरण नेटवर्क के साथ, कंपनी बी2सी फोकस पर जोर दे रही है।
निवेश सलाह:
एनालिस्ट्स (जैसे आनंद राठी रिसर्च) लॉन्ग-टर्म के लिए “सब्सक्राइब” रेटिंग दे रहे हैं, क्योंकि कंपनी की क्षेत्रीय मजबूती और ब्रांड लीडरशिप सकारात्मक है, हालांकि मूल्यांकन पूर्ण रूप से वैल्यूड लगता है। निवेश से पहले जोखिमों का मूल्यांकन करें। मर्चेंट बैंकर: डैम कैपिटल एडवाइजर्स, आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज और मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स।