क्रिकेट के मैदान पर खिलाड़ियों की तरह अंपायर भी एक अहम भूमिका निभाते हैं। वे खेल के न्यायाधीश होते हैं, जो गर्मी, धूल और दबाव में भी निष्पक्ष फैसले लेते हैं। अगर आप क्रिकेट से प्यार करते हैं और अंपायर बनने का सपना देखते हैं, तो यह करियर आपके लिए रोमांचक हो सकता है। आइए जानते हैं कि भारत में क्रिकेट अंपायर बनने के लिए क्या चाहिए और इसमें कितनी कमाई होती है।

अंपायर बनने की योग्यता क्या है? (Essential Qualifications)
अंपायर बनना आसान नहीं, लेकिन नामुमकिन भी नहीं। यहां मुख्य जरूरतें हैं:
- शिक्षा: कोई विशेष डिग्री की जरूरत नहीं। 12वीं पास कोई भी व्यक्ति अंपायर बन सकता है। लेकिन अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान जरूरी है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मैचों में खिलाड़ियों से बातचीत के लिए यह आम भाषा है।
- उम्र: परीक्षा देने के लिए उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए।
- फिटनेस: मैदान पर घंटों खड़े रहना पड़ता है, इसलिए शरीर फिट होना चाहिए। आंखों की रोशनी (चश्मे के साथ भी ठीक) और सुनने की क्षमता अच्छी होनी जरूरी है।
- क्रिकेट का ज्ञान: खेल के नियमों की गहरी समझ और क्रिकेट में दिलचस्पी होना सबसे महत्वपूर्ण है।

अंपायर बनने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया (Step-by-Step Process)
अंपायरिंग का सफर धीरे-धीरे आगे बढ़ता है। यहां आसान स्टेप्स हैं:
- पहला कदम – राज्य एसोसिएशन में रजिस्ट्रेशन: अपने राज्य के क्रिकेट एसोसिएशन (जैसे दिल्ली का DDCA या उत्तर प्रदेश का UPCA) में रजिस्टर कराएं।
- अनुभव लें: लोकल लीग या क्लब मैचों में अंपायरिंग शुरू करें। बड़े अंपायरों से टिप्स लें और नियम सीखें।
- BCCI की परीक्षा दें: राज्य एसोसिएशन अच्छे अंपायरों के नाम BCCI को भेजती है। फिर BCCI की परीक्षा होती है, जिसमें लिखित, प्रैक्टिकल और इंटरव्यू शामिल हैं। पास होने के लिए तीनों में कुल 90% अंक चाहिए।
- करियर की सीढ़ी: परीक्षा पास करने के बाद जूनियर मैचों (अंडर-15, अंडर-19) से शुरूआत। अच्छा प्रदर्शन करने पर रणजी ट्रॉफी, फिर IPL और अंत में ICC के एलीट पैनल तक पहुंच सकते हैं।

तैयारी के लिए जरूरी किताबें (Recommended Study Material)
अच्छे अंपायर बनने के लिए ये पढ़ें:
- MCC की आधिकारिक लॉ बुक।
- टॉम स्मिथ की किताब ‘क्रिकेट अंपायरिंग एंड स्कोरिंग’।
- BCCI की लेटेस्ट ‘प्लेइंग कंडीशंस’।
कमाई कितनी होती है? (Salary and Benefits)
अंपायरिंग में मेहनत के साथ अच्छी कमाई भी है:
- BCCI के घरेलू मैचों में प्रति दिन करीब 40,000 रुपये मिलते हैं।
- क्लब या लोकल मैचों में औसतन 3,000 रुपये प्रति दिन।
- सुविधाएं: फाइव स्टार होटल में रहना, फ्लाइट टिकट और अन्य भत्ते।
- रिटायरमेंट: आमतौर पर 60-65 साल की उम्र में रिटायर होते हैं, लेकिन उसके बाद BCCI से कोई पेंशन वगैरह नहीं मिलती।
क्रिकेट अंपायर बनना एक सम्मानजनक और चुनौतीपूर्ण करियर है। अगर आपमें धैर्य, निष्पक्षता और क्रिकेट का जुनून है, तो यह रास्ता आपके लिए खुला है। शुरू करें लोकल स्तर से और एक दिन IPL या अंतरराष्ट्रीय मैच में सिग्नल देते नजर आएंगे!
