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भारत तेजी से वैश्विक धन सृजन का केंद्र बन रहा है। मर्सिडीज-बेंज हुरून इंडिया वेल्थ रिपोर्ट 2025 के अनुसार, देश में 2025 तक 8,71,700 मिलियनेयर परिवार (नेट वर्थ कम से कम 8.5 करोड़ रुपये या 1 मिलियन डॉलर) होंगे, जो 2021 के 4.58 लाख से लगभग दोगुना है। यह वृद्धि 445% की है, जो दर्शाती है कि धन सृजन अब व्यापक स्तर पर फैल रहा है, हालांकि यह अभी भी कुछ प्रमुख राज्यों और शहरों में केंद्रित है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर 30 मिनट में एक नया मिलियनेयर परिवार जुड़ रहा है।
मिलियनेयर परिवारों की संख्या में तेज वृद्धि
रिपोर्ट बताती है कि 2017 में जहां 1,59,900 मिलियनेयर परिवार थे, वहीं 2025 तक यह संख्या नाटकीय रूप से बढ़कर 8.71 लाख हो गई है। भारत अब दुनिया के सबसे तेज धन सृजन वाले देशों में शुमार है। हालांकि, धन का वितरण असमान है—केवल 0.31% भारतीय मिलियनेयर परिवारों के सदस्य हैं। उच्च आयकर दाता (वार्षिक आय 1 करोड़ रुपये से अधिक) की संख्या 2018-2024 के बीच लगभग तिगुनी हो गई है, जो समृद्धि के प्रसार को दर्शाता है।
शीर्ष 10 राज्य: महाराष्ट्र का दबदबा
भारत के शीर्ष 10 राज्यों में कुल मिलियनेयर परिवारों का 79% से अधिक हिस्सा है। महाराष्ट्र ने अपनी स्थिति मजबूत की है, जहां जीएसडीपी में 55% की वृद्धि के कारण धन सृजन तेज हुआ। यहां 2021 से 194% की वृद्धि दर्ज की गई है।
| रैंक | राज्य | मिलियनेयर परिवार (2025) | 2021 से वृद्धि (%) |
|---|---|---|---|
| 1 | महाराष्ट्र | 1,78,600 | 194 |
| 2 | दिल्ली | 68,200 | – |
| 3 | तमिलनाडु | – | – |
| 4 | कर्नाटक | – | – |
| 5 | उत्तर प्रदेश | 57,700 | – |
| 6 | तेलंगाना | 51,700 | – |
| 7 | पश्चिम बंगाल | 50,400 | – |
| 8 | राजस्थान | 33,100 | – |
| 9 | हरियाणा | 30,500 | – |
| 10 | गुजरात | – | – |
(नोट: पूर्ण आंकड़े रिपोर्ट से लिए गए; कुछ राज्य डेटा अनुमानित।)
शहरों में धन केंद्र: मुंबई बनी ‘मिलियनेयर कैपिटल’
मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु धन राजधानियां बने हुए हैं, जबकि हैदराबाद और पुणे उभरते केंद्र हैं। टियर-2 शहर जैसे अहमदाबाद, सूरत और लखनऊ भी तेजी से अमीरों के हब बन रहे हैं। ये शहर विनिर्माण, टेक्सटाइल, आईटी और व्यापार पर आधारित हैं।
| रैंक | शहर | मिलियनेयर परिवार (2025) |
|---|---|---|
| 1 | मुंबई | 1,42,000 |
| 2 | नई दिल्ली | 68,200 |
| 3 | बेंगलुरु | 31,600 |
| 4 | – | – |
| 5 | कोलकाता | 26,600 |
| 6 | चेन्नई | – |
| 7 | हैदराबाद | – |
| 8 | पुणे | – |
| 9 | गुरुग्राम | 10,100 |
| 10 | सूरत | – |
लक्जरी उपभोग: अमीरों की पसंद
मर्सिडीज-बेंज हुरून इंडिया लक्जरी कंज्यूमर सर्वे 2025 (150 मिलियनेयर्स पर आधारित) के अनुसार, अमीरों की पसंद में मर्सिडीज-बेंज कारें, रोलेक्स घड़ियां, तनिष्क ज्वेलरी और आईफोन प्रमुख हैं। पुरुषों को सबसे ज्यादा रोलेक्स घड़ी गिफ्ट की जाती है। रिपोर्ट अनुमान लगाती है कि अगले 5 वर्षों में धनी परिवारों में दोहरी वृद्धि होगी, जो भारत को वैश्विक धन सृजन हब के करीब ले जाएगी।
चीन से तुलना: बढ़ता अंतर
हुरून चाइना वेल्थ रिपोर्ट 2024 के मुताबिक, चीन में 51 लाख मिलियनेयर परिवार हैं, लेकिन भारत का अंतर तेजी से कम हो रहा है। भारत की वृद्धि दर चीन से अधिक है, जो जीएसडीपी वृद्धि, व्यवसाय औपचारिकीकरण और टेक्नोलॉजी क्षेत्र पर आधारित है।
हुरून रिपोर्ट दर्शाती है कि भारत का धन सृजन व्यापक हो रहा है, लेकिन असमानता बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि वेल्थ मैनेजमेंट सेवाओं का विस्तार टियर-2 शहरों तक धन को और समावेशी बना सकता है। यदि यह गति बनी रही, तो भारत जल्द ही वैश्विक अमीरों की सूची में शीर्ष पर पहुंच सकता है।