पिछले डेढ़ साल में भारत और बांग्लादेश के रिश्ते काफी बदल गए हैं। पहले ये दोनों देश बहुत करीब थे, लेकिन अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से तनाव बढ़ गया है। अब दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी हो गई है, अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं और चीन-पाकिस्तान जैसे देश बांग्लादेश के करीब आ रहे हैं।
शरीफ उस्मान हदी कौन थे और उनकी मौत क्यों विवादास्पद है?
Who Was Sharif Osman Hadi and Why His Death Sparked Controversy?
शरीफ उस्मान हदी (या शरीफ ओसमान बिन हदी) बांग्लादेश के एक युवा नेता और कवि थे। उनकी उम्र सिर्फ 32 साल थी। वे 2024 के छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक थे, जिसने शेख हसीना की सरकार गिरा दी। हदी ‘इंकिलाब मंचो’ नाम के संगठन के सह-संस्थापक और प्रवक्ता थे। वे भारत की नीतियों के कड़े आलोचक थे और बांग्लादेश में भारत के प्रभाव को ‘हेगेमोनी’ (दबदबा) कहते थे।
12 दिसंबर 2025 को ढाका में मस्जिद से निकलते समय नकाबपोश हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी। वे गंभीर रूप से घायल हो गए और सिंगापुर में इलाज के दौरान 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। हदी फरवरी 2026 के चुनाव में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में लड़ने वाले थे। उनकी मौत के बाद बांग्लादेश में बड़े प्रदर्शन हुए, मीडिया हाउसों पर हमले हुए और भारत विरोधी नारे लगे। कुछ लोग इसे राजनीतिक साजिश मानते हैं, जबकि अंतरिम सरकार ने इसे चुनाव बिगाड़ने की कोशिश बताया। भारत ने इन आरोपों को खारिज किया है कि उसका कोई हाथ है।
शेख हसीना के जाने के बाद क्या बदला?
Changes After Sheikh Hasina’s Exit
शेख हसीना और उनकी पार्टी आवामी लीग ने 15 साल तक बांग्लादेश पर राज किया। इस दौरान भारत के साथ रिश्ते बहुत मजबूत थे। भारत विरोधी गतिविधियां रोकी गईं, सीमा पर सहयोग बढ़ा और व्यापार अच्छा चला। लेकिन 2024 के छात्र आंदोलन के बाद हसीना भारत भाग आईं। अब मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार है, जो पूरी तरह मजबूत नहीं है। इससे राजनीतिक खालीपन पैदा हो गया है। कट्टरपंथी संगठन जैसे जमात-ए-इस्लामी मजबूत हो रहे हैं। अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर हमले बढ़े हैं। 2024 से अब तक सैकड़ों ऐसे मामले सामने आए हैं।
चीन और पाकिस्तान का बढ़ता दखल
Rising Influence of China and Pakistan
इस स्थिति का फायदा चीन और पाकिस्तान उठा रहे हैं। चीन बांग्लादेश को बड़े कर्ज, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और तीस्ता नदी पर मदद का ऑफर दे रहा है। पाकिस्तान के साथ सैन्य सहयोग बढ़ा है। 2025 में चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच त्रिपक्षीय मीटिंग हुई, जो भारत के लिए चिंता की बात है। भारत को लगता है कि इससे उसकी पूर्वी सीमा पर खतरा बढ़ सकता है।
पानी के मुद्दों पर गतिरोध
Stalemate on Water Issues
तीस्ता नदी के पानी बंटवारे पर सालों से बात अटकी है। पश्चिम बंगाल की वजह से भारत कोई समझौता नहीं कर पाया। वहीं, 1996 की गंगा जल संधि 2026 में खत्म हो रही है। अभी तक नई बातचीत शुरू नहीं हुई। ये मुद्दे दोनों देशों के रिश्तों में बड़ी बाधा हैं।
भारत की रणनीति और आगे का रास्ता
India’s Response and Way Forward
भारत अब सतर्क हो गया है। वीजा नियम सख्त किए गए और व्यापार पर कुछ पाबंदियां लगीं। विशेषज्ञ कहते हैं कि भारत को लोगों से जुड़ी नीति अपनानी चाहिए, नए राजनीतिक ग्रुप से बात करनी चाहिए और पानी जैसे मुद्दों को जल्दी सुलझाना चाहिए। हसीना की वापसी मुश्किल लगती है, इसलिए नए सिरे से रिश्ते बनाने होंगे।
भारत-बांग्लादेश के रिश्ते एक पुराने दोस्त की तरह थे, जो अब दूरियां महसूस कर रहे हैं। पुरानी नींव हिल गई है, और बाहर की ताकतें फायदा उठा रही हैं। अब नए भरोसे और समझौतों से ही ये रिश्ता फिर मजबूत हो सकता है।