करूर, 28 सितंबर 2025 : तमिलनाडु के करूर जिले में शनिवार शाम अभिनेता से राजनेता बने विजय के तमिलागा वेत्री कझगम (टीवीके) की रैली के दौरान हुई भयानक भगदड़ ने पूरे राज्य को सदमे में डाल दिया है। इस हादसे में 39 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 10 बच्चे और 16 महिलाएं शामिल हैं, जबकि 81 से अधिक लोग घायल हो गए। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि भीड़ प्रबंधन की कुल मिलाकर कमी और बुनियादी सुविधाओं जैसे पानी, छाया और चिकित्सा सहायता के अभाव ने इस त्रासदी को और भयावह बना दिया।
हादसे का विवरण: भीड़ में अफरा-तफरी
हादसा करूर-एरोड राजमार्ग पर वेलुसाम्यपुरम में शाम करीब 7:30 बजे हुआ। विजय की ‘वेलिचम वेलियरु’ (प्रकाश फैलाओ) अभियान रैली में हजारों समर्थक इकट्ठा हुए थे। चश्मदीदों के अनुसार, विजय के वाहन के लिए रास्ता बनाने के प्रयास में भीड़ में धक्का-मुक्की मच गई। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विजय ने अपनी स्पीच के दौरान पूर्व मंत्री वी. सेन्थिलबलाजी पर तंज कसते हुए ’10-रुपये मंत्री’ वाला गाना गाया, जिससे भीड़ में उत्साह चरम पर पहुंच गया और अफरा-तफरी मच गई। एक पेड़ पर चढ़े समर्थक गिर पड़े, जिससे हाहाकार मच गया।
पुलिस और आयोजकों के अनुसार, विजय शाम 6 बजे पहुंचे थे, लेकिन मीटिंग स्पॉट तक पहुंचने में एक घंटा लग गया। इस दौरान इंतजार कर रही भीड़ में संख्या दोगुनी हो गई। जिला प्रशासन ने इसे ‘भगदड़ जैसी स्थिति’ करार दिया है। स्वास्थ्य मंत्री एमए सुब्रमण्यम ने बताया कि मृतकों में 10 बच्चे, 16 महिलाएं और 13 पुरुष शामिल हैं। घायलों को करूर और त्रिची के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
स्थानीय लोगों का गुस्सा: प्रबंधन पर सवाल
करूर के निवासियों ने आयोजकों और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। एक स्थानीय निवासी, रमेश कुमार ने कहा, “भीड़ इतनी ज्यादा थी कि सांस लेना मुश्किल हो गया। न पानी था, न छाया, न ही मेडिकल टीम। बच्चे और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। अगर समय पर इंतजाम होते तो इतनी जानें न जातीं।” एक अन्य महिला, सरला ने बताया, “हम विजय को देखने आए थे, लेकिन भूखे-प्यासे इंतजार करना पड़ा। जब स्पीच शुरू हुई, तो धक्के लगने लगे। सुविधाओं का नामोनिशान नहीं था।”
चश्मदीदों ने यह भी कहा कि सुरक्षा बल अपर्याप्त थे। टीवीके कार्यकर्ताओं ने चार स्थानों का प्रस्ताव दिया था, लेकिन पुलिस ने व्यावसायिक क्षेत्रों के कारण अनुमति नहीं दी। अंततः वेलुसाम्यपुरम चुना गया, लेकिन वहां भी प्लानिंग की कमी साफ दिखी। एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) एस. डेविडसन देवासिरवाथम ने कहा कि जांच चल रही है और टीवीके के करूर वेस्ट जिला सचिव वीपी मथियाजगन के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और मुआवजा
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने रविवार को करूर का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा घोषित किया। स्टालिन ने कहा, “यह राज्य के इतिहास की सबसे दुखद घटना है। हम ऐसी त्रासदी दोबारा नहीं होने देंगे।” उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने जांच आयोग गठित करने की घोषणा की।
टीवीके प्रमुख विजय ने गहरा शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों को 20 लाख तथा घायलों को 2 लाख रुपये की सहायता देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा, “मेरे समर्थकों की मौत से मैं टूट गया हूं।” विपक्षी नेता ए.के. पलानीस्वामी ने राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने शोक व्यक्त किया।
पुदुच्चेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी संवेदनाएं व्यक्त की। एआईएडीएमके के ईपीके ने सरकार पर हमला बोला, जबकि डीएमके प्रवक्ता सरावणन ने टीवीके आयोजकों को दोषी ठहराया।
भविष्य के लिए सबक
यह हादसा राजनीतिक रैलियों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करता है। जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। पोस्टमॉर्टम पूरा होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। स्थानीय लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि घायलों की हालत स्थिर है, लेकिन अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण हैं।
तमिलनाडु में राजनीतिक उत्साह के बीच यह त्रासदी एक कड़वा सबक है। सभी की यही कामना है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।