सरकार ने इनकम टैक्स को आसान और टेक्नोलॉजी वाला बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होने जा रहा है। इसके ड्राफ्ट नियम (Draft Rules) जारी कर दिए गए हैं। ये नियम 60 साल पुराने पुराने नियमों की जगह लेंगे। अच्छी बात ये है कि पुराना टैक्स रिजीम खत्म नहीं हो रहा – बल्कि इसमें कई बड़े फायदे जोड़े गए हैं, जिससे सैलरीड लोगों को ज्यादा राहत मिलेगी।
पुराना नियम अभी भी बेस्ट ऑप्शन
सरकार ने साफ किया है कि नया टैक्स सिस्टम आने के बाद भी पुराना रिजीम (Old Regime) चलेगा। इसमें भत्तों (Allowances) में भारी बढ़ोतरी की गई है। इससे कई लोग पुराने सिस्टम में ही टैक्स बचाने में कामयाब रहेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि ये बदलाव मिडिल क्लास को राहत देंगे।
बच्चों की पढ़ाई पर ज्यादा छूट अब तक बच्चों की शिक्षा भत्ता सिर्फ ₹100 प्रति महीना था। अब इसे ₹3,000 प्रति महीना प्रति बच्चा (अधिकतम 2 बच्चे) कर दिया गया है। यानी सालाना ₹72,000 तक की छूट! हॉस्टल भत्ता भी ₹300 से बढ़कर ₹9,000 प्रति महीना हो गया है। स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों वाले माता-पिता को ये बहुत फायदा देगा।
HRA में बड़ा बदलाव – ज्यादा शहरों को फायदा हाउस रेंट अलाउंस (HRA) अब सिर्फ दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता तक सीमित नहीं रहेगा। बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में रहने वाले भी 50% HRA क्लेम कर सकेंगे। किराए वाले लोगों के लिए ये राहत बहुत बड़ी है।

टैक्स प्रक्रिया को आसान बनाया
- नियमों की संख्या 511 से घटकर 333 हो गई।
- फॉर्मों की संख्या 399 से घटकर 190। ITR फॉर्म अब प्री-फिल्ड (Pre-filled) होंगे। यानी आपका नाम, PAN, सैलरी, TDS सब पहले से भरा होगा। बस चेक करके सबमिट कर दें!
PAN से जुड़े नए नियम
- सालाना ₹10 लाख तक के कैश जमा या निकासी पर PAN देने की जरूरत नहीं (पुराना नियम ज्यादा सख्त था)।
- गाड़ी खरीदने पर ₹5 लाख से ऊपर।
- प्रॉपर्टी लेनदेन पर ₹20 लाख से ऊपर।
- लेकिन बीमा पॉलिसी लेते समय शुरुआत से ही PAN अनिवार्य। ये बदलाव छोटे ट्रांजेक्शन को आसान बनाएंगे।

और क्या-क्या नया?
- सब कुछ डिजिटल और फेसलेस। मतलब टैक्स अधिकारी से मिलना-जुलना कम, सब ऑनलाइन।
- e-Rupee (डिजिटल रुपया) के इस्तेमाल पर जोर।
- विदेशी आय और क्रिप्टो ट्रांजेक्शन पर ज्यादा नजर।
आपकी राय दें, 22 फरवरी तक सरकार ने इन ड्राफ्ट नियमों पर जनता से सुझाव मांगे हैं। 22 फरवरी 2026 तक फीडबैक दे सकते हैं। उसके बाद अंतिम नियम जारी होंगे।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट? टैक्स विशेषज्ञ अमरपाल चड्ढा (EY India) कहते हैं, “ये बदलाव सैलरीड क्लास के लिए गेम चेंजर हैं। पुराना रिजीम अब फिर से आकर्षक हो गया है।”

ये नया सिस्टम टैक्स भरना आसान बनाएगा, लेकिन स्मार्ट प्लानिंग जरूरी है। अगर आप सैलरीड हैं, तो HRA, शिक्षा भत्ता और पुराना रिजीम चेक करें – शायद टैक्स बच जाए! ज्यादा जानकारी के लिए incometaxindia.gov.in पर ड्राफ्ट PDF देखें।