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नोबेल पुरस्कार दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक है, जो विज्ञान, साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिए जाते हैं। इस पुरस्कार की शुरुआत स्वीडिश आविष्कारक अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत से हुई थी। अल्फ्रेड नोबेल ने 1895 में अपनी अंतिम वसीयत लिखी, जिसमें उन्होंने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा इन पुरस्कारों के लिए दान कर दिया। पहला नोबेल पुरस्कार 1901 में प्रदान किया गया, जो नोबेल की मृत्यु की पांचवीं वर्षगांठ पर था। शुरू में पांच श्रेणियां थीं: भौतिकी, रसायन विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य और शांति। 1969 में अर्थशास्त्र की श्रेणी जोड़ी गई।
2025 के नोबेल पुरस्कार विजेता
इस वर्ष के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा अक्टूबर के पहले सप्ताह में की गई, और सभी श्रेणियों के विजेताओं का नाम सामने आ चुका है। यहां पूरी सूची है:
- चिकित्सा या फिजियोलॉजी: मैरी ई. ब्रंकॉ, फ्रेडरिक जे. राम्सडेल और शिमोन सकागुची को प्रतिरक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण खोजों के लिए। उन्होंने प्रतिरक्षा प्रणाली के नियंत्रण से संबंधित जीन और प्रोटीन की खोज की, जो ऑटोइम्यून बीमारियों के इलाज में मददगार साबित हो सकती है।
- भौतिकी: जॉन क्लार्क, मिशेल एच. डेवोरेट और जॉन एम. मार्टिनिस को क्वांटम भौतिकी में चिप पर प्रयोगों के लिए।उनके कार्य ने क्वांटम कंप्यूटिंग की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- रसायन विज्ञान: सुसुमु कितागावा, रिचर्ड रॉबसन और ओमार एम. यागी को आणविक संरचनाओं के विकास के लिए। इन संरचनाओं का उपयोग पर्यावरण और ऊर्जा क्षेत्र में हो सकता है।
- साहित्य: लास्ज़्लो क्रास्नाहोर्काई को उनके साहित्यिक योगदान के लिए। उनके उपन्यासों में गहन दार्शनिक और सामाजिक मुद्दे उठाए गए हैं।
- शांति: मारिया कोरिना माचाडो को वेनेजुएला में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए संघर्ष के लिए। वे विपक्षी नेता हैं और शांति प्रयासों में सक्रिय हैं।
- अर्थशास्त्र: जोएल मोकीर, फिलिप एघियन और पीटर हॉविट को नवाचार-आधारित आर्थिक विकास के सिद्धांतों के लिए।
ये पुरस्कार 10 दिसंबर को स्टॉकहोम और ओस्लो में प्रदान किए जाएंगे।
किस भारतीयों को मिले नोबेल पुरस्कार
भारत के लोगों ने भी नोबेल पुरस्कारों में महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। अब तक 12 भारतीय या भारतीय मूल के व्यक्ति इस सम्मान से नवाजे जा चुके हैं, जिनमें से 5 भारतीय नागरिक हैं।
- 1913, साहित्य: रवींद्रनाथ टैगोर – गीतांजलि के लिए, पहले भारतीय नागरिक।
- 1930, भौतिकी: सी.वी. रमन – रमन प्रभाव की खोज के लिए।
- 1968, चिकित्सा: हर गोबिंद खुराना – जेनेटिक कोड की व्याख्या के लिए (भारतीय मूल, अमेरिकी नागरिक)।
- 1979, शांति: मदर टेरेसा – गरीबों की सेवा के लिए।
- 1983, भौतिकी: सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर – तारों की संरचना के लिए (भारतीय मूल, अमेरिकी)।
- 1998, अर्थशास्त्र: अमर्त्य सेन – कल्याण अर्थशास्त्र के लिए।
- 2009, रसायन विज्ञान: वेंकटरमन रामकृष्णन – राइबोसोम की संरचना के लिए (भारतीय मूल, ब्रिटिश/अमेरिकी)।
- 2014, शांति: कैलाश सत्यार्थी – बाल अधिकारों के लिए।
- 2019, अर्थशास्त्र: अभिजीत बनर्जी – गरीबी उन्मूलन के लिए (भारतीय मूल, अमेरिकी)।
इन विजेताओं ने भारत की वैश्विक छवि को मजबूत किया है।
नोबेल पुरस्कार न केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों का सम्मान करते हैं, बल्कि मानवता की प्रगति को प्रेरित करते हैं। अधिक जानकारी के लिए नोबेल फाउंडेशन की वेबसाइट देखें।