मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 85 करोड़ रुपये के कथित भूमि घोटाले में जांच को तेज करते हुए साहिल लोढ़ा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है। यह मामला लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड से जुड़ा है, जिसमें पूर्व डायरेक्टर राजेंद्र नरपतमल लोढ़ा की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। पुलिस को आशंका है कि साहिल लोढ़ा, जो इस घोटाले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, देश छोड़कर भाग सकते हैं।
घोटाले का खुलासा
लोढ़ा डेवलपर्स ने 15 सितंबर को दर्ज कराई गई एफआईआर में राजेंद्र लोढ़ा, साहिल लोढ़ा और अन्य 10 लोगों पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और साजिश रचने के आरोप लगाए हैं। जांच में सामने आया है कि राजेंद्र ने कंपनी की संपत्तियों को कम कीमत पर बेचकर और बेनामी कंपनियों के जरिए फंड्स का गबन करके कंपनी को भारी नुकसान पहुंचाया। साहिल लोढ़ा, जो एनबीपी एडुटेक इंफ्राटेक एलएलपी के पार्टनर हैं, ने भोपर गांव (दोमबिवली) में 0.90 एकड़ जमीन को 2.75 करोड़ रुपये में ट्रांसफर किया, जबकि इसका आईजीआर वैल्यूएशन 9 करोड़ रुपये से अधिक था।
अवैध सौदों का जाल
पुलिस के अनुसार, राजेंद्र ने पावर ऑफ अटॉर्नी का दुरुपयोग कर फर्जी एग्रीमेंट्स और एमओयू तैयार किए। पनवेल, अंबरनाथ और कल्याण में कई जमीनों के सौदे गैर-कानूनी तरीके से किए गए। भोपर गांव में ही 7.15 लाख वर्ग फुट टीडीआर (ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स) की अवैध बिक्री से कंपनी को करीब 49 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा, लोढ़ा न्यू कफ परेड प्रोजेक्ट में फर्जी बुकिंग और कैश ट्रांजेक्शन भी सामने आए हैं।
जांच में तेजी
मुंबई पुलिस की प्रॉपर्टी सेल ने 17 सितंबर को राजेंद्र लोढ़ा को वर्ली स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने उनकी पुलिस हिरासत को 29 सितंबर तक बढ़ा दिया है। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि बेनामी कंपनियों के लेन-देन, गोल्ड बार की ट्रेसिंग और फोरेंसिक ऑडिट के लिए और पूछताछ जरूरी है। राजेंद्र के ड्राइवर ने भी बड़े पैमाने पर नकदी से भरे बैग्स को ट्रांसपोर्ट करने की बात कबूल की है।
साहिल लोढ़ा पर नजर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, साहिल लोढ़ा जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “साहिल की भूमिका संदिग्ध है, और उनके भागने की आशंका को देखते हुए लुकआउट नोटिस जारी करने का फैसला लिया गया है।” साहिल के खिलाफ यह कदम जांच को और मजबूत करने के लिए उठाया जा रहा है।
रियल एस्टेट सेक्टर में हलचल
यह घोटाला रियल एस्टेट सेक्टर में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि लोढ़ा डेवलपर्स भारत की शीर्ष रियल एस्टेट कंपनियों में से एक है। कंपनी ने दावा किया है कि राजेंद्र को केवल जमीन अधिग्रहण का अधिकार था, न कि बिक्री का, फिर भी उन्होंने नियमों का उल्लंघन किया।
पुलिस का कहना है कि जांच में और खुलासे हो सकते हैं, और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है। इस मामले पर रियल एस्टेट सेक्टर और निवेशकों की नजरें टिकी हैं।