भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्ड के लिए नामांकन और अपडेट प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। ये बदलाव खास तौर पर वयस्कों के लिए आधार कार्ड प्राप्त करने और अपडेट करने की प्रक्रिया को सख्त करने के लिए हैं, ताकि अवैध प्रवासियों को आधार प्राप्त करने से रोका जा सके। नीचे इसकी मुख्य बातें हिंदी में दी गई हैं:
1. सख्त सत्यापन प्रक्रिया
- पहले आधार को केवल पहचान के प्रमाण के रूप में देखा जाता था, न कि नागरिकता के प्रमाण के रूप में। लेकिन अब UIDAI ने सख्त नियम लागू किए हैं, जिसके तहत केवल सत्यापित वयस्क ही आधार के लिए नामांकन कर सकते हैं।
- एक नया टूल विकसित किया गया है जो आधार नामांकन और अपडेट के दौरान दूसरी बार सत्यापन करेगा। यह टूल पासपोर्ट, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, और भविष्य में बिजली बिल जैसे ऑनलाइन उपलब्ध दस्तावेजों का उपयोग करेगा।
2. अवैध प्रवासियों पर रोक
- UIDAI के एक अधिकारी के अनुसार, नए नियमों के कारण अवैध प्रवासियों के लिए आधार प्राप्त करना मुश्किल हो जाएगा। ये नियम यह सुनिश्चित करेंगे कि आधार केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी हो।
- पहले कुछ अवैध प्रवासी जाली दस्तावेजों के जरिए आधार प्राप्त कर लेते थे, जिसका उपयोग वे अन्य दस्तावेज या नागरिकता प्राप्त करने के लिए करते थे। अब राज्य सरकारों को सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है, और आधार केवल कठोर जांच के बाद ही जारी होगा।
3. नए दस्तावेजों की आवश्यकता
- आधार नामांकन और अपडेट के लिए अब पासपोर्ट, राशन कार्ड, जन्म और मैट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों की ऑनलाइन डेटाबेस का उपयोग होगा।
- अगर आप अपने आधार में नाम, पता, जन्म तिथि या अन्य विवरण अपडेट करना चाहते हैं, तो आपको इनमें से कुछ दस्तावेज जमा करने होंगे। उदाहरण के लिए, जन्म तिथि बदलने के लिए जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल/कॉलेज मार्कशीट या पासपोर्ट की आवश्यकता होगी।
4. केवल एक आधार नंबर मान्य
- अगर किसी व्यक्ति के पास किसी कारणवश दो आधार नंबर हैं, तो केवल पहला नंबर (जिसमें सबसे पहले बायोमेट्रिक जानकारी दर्ज की गई थी) मान्य होगा। दूसरा नंबर रद्द कर दिया जाएगा।
- यह नियम तकनीकी गड़बड़ियों या एक से अधिक बार नामांकन की स्थिति को ठीक करने के लिए लागू किया गया है।
5. बच्चों और विदेशी नागरिकों के लिए नियम
- 1 अक्टूबर, 2023 के बाद जन्मे बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य है।
- विदेशी नागरिकों, OCI कार्डधारकों, और नेपाल/भूटान के नागरिकों के लिए अलग दस्तावेजों की सूची लागू होगी।
6. मोबाइल नंबर अपडेट के लिए विशेष नियम
- आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य है, इसलिए इसे ऑनलाइन नहीं किया जा सकता। इसके लिए आपको आधार सेवा केंद्र जाना होगा।
- अपडेट की प्रक्रिया में 2-4 सप्ताह लग सकते हैं, और इसके लिए 50 रुपये का शुल्क देना पड़ सकता है।
7. मुफ्त ऑनलाइन अपडेट सुविधा
- UIDAI ने मुफ्त ऑनलाइन आधार अपडेट की समय सीमा को 14 जून, 2026 तक बढ़ा दिया है। इस सुविधा के तहत आप myAadhaar पोर्टल पर पहचान और पते के प्रमाण को बिना किसी शुल्क के अपडेट कर सकते हैं।
- यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जिनके आधार कार्ड 10 साल पुराने हैं या जिनके व्यक्तिगत विवरण में बदलाव हुआ है।
8. नया आधार ऐप
- UIDAI एक नया ऐप लॉन्च करने की योजना बना रहा है, जिसके जरिए QR कोड स्कैन और फेस ID के माध्यम से डिजिटल सत्यापन किया जा सकेगा। इससे आधार की फोटोकॉपी ले जाने की जरूरत कम होगी।
- यह ऐप होटल, दुकान, या यात्रा के दौरान पहचान सत्यापन को आसान बनाएगा।
9. बिहार में मतदाता सूची विवाद
- बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान आधार को स्वीकार्य दस्तावेजों की सूची से बाहर रखने पर विवाद हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को आधार, वोटर आईडी, और राशन कार्ड को भी स्वीकार करने का सुझाव दिया है।
10. क्या करें आधार धारक?
- अपने आधार विवरण को नियमित रूप से अपडेट रखें। अगर आपका पता, मोबाइल नंबर, या अन्य जानकारी बदल गई है, तो उसे तुरंत अपडेट करें।
- आधार सेवा केंद्र पर जाने से पहले अपॉइंटमेंट बुक करें और सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखें।
- ऑनलाइन अपडेट के लिए myAadhaar पोर्टल (https://myaadhaar.uidai.gov.in) पर लॉग इन करें।
निष्कर्ष
UIDAI के नए नियम आधार को अधिक सुरक्षित और केवल योग्य व्यक्तियों तक सीमित करने के लिए बनाए गए हैं। ये बदलाव अवैध उपयोग को रोकने और पहचान प्रणाली को मजबूत करने में मदद करेंगे। आधार धारकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने दस्तावेजों को अपडेट रखें और नए नियमों का पालन करें ताकि भविष्य में किसी भी असुविधा से बचा जा सके।
अधिक जानकारी के लिए UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट (https://uidai.gov.in) पर जाएं।