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अमेरिका में कुछ ही घंटों में सरकारी कामकाज ठप होने का खतरा मंडरा रहा है। अगर समय रहते जरूरी बिल पास नहीं हुआ, तो यह पिछले 6-7 सालों में पहला बड़ा सरकारी शटडाउन होगा। इसका असर लाखों कर्मचारियों, सरकारी सेवाओं और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि यह शटडाउन क्या है, क्यों हो रहा है और इसके क्या परिणाम हो सकते हैं।
शटडाउन का मतलब क्या है?
सरकारी शटडाउन का मतलब है कि अमेरिकी केंद्र सरकार को अपने खजाने से पैसा निकालने और खर्च करने की अनुमति नहीं होगी। यह तब होता है, जब अमेरिकी संसद (कांग्रेस) जरूरी बजट बिल पास नहीं कर पाती। अमेरिकी संविधान के आर्टिकल 1 के अनुसार, बिना बिल पास किए सरकार कोई पैसा खर्च नहीं कर सकती। हर साल 1 अक्टूबर से पहले कांग्रेस को नए वित्तीय वर्ष के लिए बजट बिल पास करना होता है। इस बार 30 सितंबर को वित्तीय वर्ष खत्म हो चुका है, और अगर 1 अक्टूबर तक बिल पास नहीं हुआ, तो कई सरकारी सेवाएँ रुक जाएँगी।
शटडाउन क्यों हो रहा है?
यह संकट अमेरिका की दो बड़ी राजनीतिक पार्टियों—डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स—के बीच असहमति के कारण पैदा हुआ है। डेमोक्रेट्स (राष्ट्रपति जो बाइडन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की पार्टी) स्वास्थ्य सेवाओं जैसे कार्यक्रमों पर ज्यादा खर्च चाहती है, जबकि रिपब्लिकन्स (पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी) इस पर सहमत नहीं हैं। सीनेट (अमेरिका का ऊपरी सदन) में रिपब्लिकन्स ने एक बिल पेश किया, लेकिन इसे पास करने के लिए 60 वोट चाहिए थे, और उन्हें केवल 55 वोट मिले। नतीजा, बिल पास नहीं हुआ और शटडाउन का खतरा बढ़ गया।
क्या-क्या प्रभावित होगा?
- गैर-जरूरी सेवाएँ ठप: नेशनल पार्क, म्यूजियम, पासपोर्ट-वीजा सेवाएँ, रूटीन खाद्य निरीक्षण, और सरकारी रिसर्च जैसे काम रुक जाएंगे।
- कर्मचारियों पर असर: करीब 18 लाख सरकारी कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ेंगी। लगभग 8.5 लाख गैर-जरूरी कर्मचारियों को बिना वेतन छुट्टी पर भेजा जा सकता है।
- जरूरी सेवाएँ चालू रहेंगी: सेना, पुलिस और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी सेवाएँ बंद नहीं होंगी।
- आर्थिक नुकसान: छोटे व्यवसायों और कॉन्ट्रैक्टर्स को सरकारी भुगतान रुकने से नुकसान होगा। अगर शटडाउन लंबा चला, तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भारी क्षति हो सकती है।
पहले भी हुआ है शटडाउन
इतिहास में सबसे लंबा शटडाउन दिसंबर 2018 में हुआ था, जो 35 दिनों तक चला। अगर इस बार शटडाउन कुछ घंटों में खत्म हो जाता है, तो असर कम होगा। लेकिन अगर यह हफ्तों तक चला, तो इसका प्रभाव गहरा होगा।
क्या है असली वजह?
अमेरिका में राष्ट्रपति की पार्टी के पास कांग्रेस में बहुमत होना जरूरी नहीं है। इस वजह से डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स के बीच नीतियों पर सहमति बनाना मुश्किल हो जाता है। दोनों पार्टियाँ एक-दूसरे पर दोष मढ़ रही हैं, जिससे आम जनता और कर्मचारियों की परेशानी बढ़ रही है।
अगर कांग्रेस जल्दी कोई समझौता नहीं करती, तो शटडाउन शुरू हो जाएगा। इसका असर न केवल अमेरिका, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अमेरिकी नेता इस संकट से बचने के लिए कोई रास्ता निकाल पाएंगे।