अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 3 जनवरी 2026 को हुई, जब अमेरिकी सेना ने बड़ा सैन्य अभियान चलाया। मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिका ले जाया गया, जहाँ वे ड्रग तस्करी के आरोपों का सामना करेंगे।

क्या हुआ और क्यों?
अमेरिका का कहना है कि मादुरो का शासन अवैध था क्योंकि 2024 के चुनाव में धांधली हुई। साथ ही, वे उन्हें ड्रग तस्करी और आतंकवाद से जोड़ते हैं। लेकिन असली वजह वेनेजुएला का विशाल तेल भंडार माना जा रहा है। वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल reserves हैं – सऊदी अरब से भी ज्यादा। अमेरिका अपनी तेल कंपनियों को वहाँ निवेश करवाकर उत्पादन बढ़ाना चाहता है और रूस-चीन जैसे देशों की निर्भरता कम करना चाहता है।


दुनिया पर असर
अभी तेल की कीमतों में बड़ा उछाल नहीं आया है क्योंकि वेनेजुएला का वैश्विक तेल उत्पादन बहुत कम (केवल 1%) है। लेकिन लंबे समय में अगर कीमतें बढ़ीं तो महंगाई बढ़ सकती है।

भारत के लिए क्या मतलब?
भारत अभी इस संकट से सुरक्षित है। पिछले 10 सालों में हमने वेनेजुएला से तेल आयात बहुत कम कर दिया है – अब लगभग शून्य। हमने रूस, मध्य पूर्व और अन्य देशों से तेल लेना शुरू किया, जो विविधता लाने की अच्छी रणनीति साबित हुई।
हालांकि, अगर वैश्विक तेल कीमतें 10 डॉलर प्रति बैरल भी बढ़ीं, तो भारत का चालू खाता घाटा बढ़ सकता है और महंगाई 0.3-0.4% तक ऊपर जा सकती है। लेकिन अभी कोई बड़ा खतरा नहीं।

यह घटना दिखाती है कि सिर्फ प्राकृतिक संसाधन होना काफी नहीं – अच्छा प्रबंधन जरूरी है। वेनेजुएला जैसे देश से सबक लेते हुए भारत की तेल नीति मजबूत बनी हुई है। दुनिया अब देख रही है कि वेनेजुएला में आगे क्या होता है।